द्यू धुपणू
न द्यू रे न धूपणु रे पुरणी मूर्ती अर खडग नी रे कोठू बच्यू रे देवी कु म्योल माटा लिपे ह्वे न श्रृंगार बच्यू रे कूडा रैन मनखी नी रैन दार बच्या छन पर धूरपुल्यी उखिडिग्येन पूजा नी ह्वे पाठ नी ह्वे हरयल्यी नी बुतिन जौ नी लगेन म्योलौ मादेव कडकूडू ह्वेगी तब भी शक्ति बची रे पर स्थापन नी ह्वे कुल का देवत्यों आशिर्वाद रे पर कुल छितरेग्ये शंख हरची गडसों हरची कैन च्योरी नी के पर क्वजडी कुछ नी रे गौ रिता द्यूल रितू खौलू उखडी पठली सरकी ख्वोली पर रंग बानिश नी ह्वे न साज रेन न संस्कार रेन न अपणू स्यूं अभिमान रे गौ बच्यू रे पर बाटा सब्बी बदलिग्येन