तेरी मेरी यादों के
सोचा फिर मैं चाँद लिखूँगा शर्मायी सी शाम लिखूँगा तकती आँखें ढूँढ रही हैं भूला सा कोई गीत लिखूँगा चलती फिरती यादों का भूली बिसरी बातों का बिखरी सी कुछ खुशबू का भूला सा अहसास लिखूँगा शाम सुबह के झगडों का छोटे मोटे तानों का एकाकी सी यादों का लम्बा सा इतिहास लिखूँगा तेरी मेरी बातों से तेरे मेरे गीत लिखूँगा