जिन्दगी
लम्बा तय किया है रास्ता यहाँ तक समेट सब तो पाया नही हाँ ये अलग बात है छूटा कुछ भी नही यादों का एक सफर जिन्दगी साथों की सीख है जिन्दगी खोया बहुत कुछ है यहाँ पर भूला कुछ भी नही हर भीड में अकेली है जिन्दगी उठे हैं जितना गहरी है जिन्दगी पन्ने खाली छूटे हैं बहुत पर कोरा कुछ भी नही जो पाया है वो कब तय था खोने का कभी कुछ सोचा नही कर्मो की दहलीजों पर डटा रहा यूँ बस आशिषों से भरी है जिन्दगी