जलेबी की मिठास
मैं कहानियां बटोरता हूँ... मुंबई की भागदौड़ भरी सड़कों पर आज मुझे कुछ ज़रूरी सरकारी काम से इधर-उधर जाना पड़ा। उबर बुक की, लेकिन लगातार दो बार ड्राइवर ने मना कर दिया। तीसरी बार जो गाड़ी आई, उसका नाम ऐप पर “रब्बानी” दिख रहा था। मैं गाड़ी में बैठ गया। थोड़ी दूर ही चले थे कि वो फोन पर किसी से बात करने लगा, उसकी बोली में यूपी का साफ़ लहजा था। मैंने उत्सुकता से पूछ लिया, “कहाँ से हो?” “साब, यूपी से हूँ… बहराइच ज़िले से। आप नहीं जानते होंगे।” मैंने कहा, “अरे क्यों नहीं! यूपी में आगरा, मथुरा, अलीगढ़ से ही पढ़ाई की है मैंने।” इतने में वो फिर किसी को फोन मिलाने लगा। मैं अपनी ही सोच में था, उसकी बातों पर ध्यान नहीं दे रहा था। तभी अचानक उसने गाड़ी किनारे रोक दी। बिना कुछ कहे उतरा और सामने दिख रही एक जलेबी की दुकान से जलेबी लेकर वापस आ गया। मैंने सोचा, शायद अपने घर के लिए ले जा रहा होगा। लेकिन जैसे ही वो गाड़ी में बैठा, उसने मुस्कुराते हुए कहा, “साब, ये आपको खानी ही पड़ेगी , मुंबई की सबसे अच्छी जलेबी है!” मैंने नाम पूछना चाहा, पर वो खुद ही बताने लगा कि असली दुकान कहीं और है, ये उसकी शाखा...