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Showing posts from June 7, 2026

सांसे थमती नही

गाँव छोडा जिद छोडी सपने बिखरे उम्मीद टूटी भीड में अकेला सा जगा हुआ पर सोया सा साथ कहां साहस टूटा सब कुछ है पर खाली सा उम्मीदो की सडक है खाली सांसे अब क्यूँ रूक नही जाती दूर कहीं नैपथ्य बसा एक धुधलती आशा है मनरे मनसे कहता है बस साथ समर्पित  रहना है

भूत पिशाच

ना ऐडी रैन न आछरी रैन ना भूत न पिशाच रैंन मनख्यूं की मार यन च भुला कि बस जख द्योखा  तख प्लास्टिक का थैला रैन बजरी तुमन गाढी डाल्या तुमुन कटैन पाणी की योजना भी  बल तुम ही ल्येन पर भुला सारा गाढ गदरा  कैन सुखेन वौणु सारी  पित्र कुडू हरची गौ कु दवता  अर वौड हरची  किदार बल पर्यटन ह्वेगी अर भुला नरसिहं बल अब घात रेगी न डौंर च न भै च न बडूँ कू मान  न सम्मान च दवे कखी नी बस भुला दारू मासूं की  दुकान खुली च नाला नारायण कोटी गोबी नी सल्या तुनगा अल्लू नी गौरीकुण्ड घौडा पडाव ह्वेगी तिर्जुगी बल 'डेस्टिनेशन' ह्वेगी नारायण कू छज्जू नी रयूँ अर भुला गुप्तकाशी बल बजार ह्वेगी....