भूत पिशाच

ना ऐडी रैन न आछरी रैन
ना भूत न पिशाच रैंन
मनख्यूं की मार यन च भुला
कि बस जख द्योखा 
तख प्लास्टिक का थैला रैन
बजरी तुमन गाढी
डाल्या तुमुन कटैन
पाणी की योजना भी 
बल तुम ही ल्येन
पर भुला सारा गाढ गदरा 
कैन सुखेन
वौणु सारी 
पित्र कुडू हरची
गौ कु दवता 
अर वौड हरची 
किदार बल पर्यटन ह्वेगी
अर भुला नरसिहं बल
अब घात रेगी
न डौंर च न भै च
न बडूँ कू मान 
न सम्मान च
दवे कखी नी
बस भुला दारू मासूं की 
दुकान खुली च
नाला नारायण कोटी गोबी नी
सल्या तुनगा अल्लू नी
गौरीकुण्ड घौडा पडाव ह्वेगी
तिर्जुगी बल 'डेस्टिनेशन' ह्वेगी
नारायण कू छज्जू नी रयूँ
अर भुला गुप्तकाशी बल बजार ह्वेगी....

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