इतिहास
संग्रहालय में कैद किये बस
इतिहास कहां लिख पाये हम
छूपे रहे जो तथ्य अनेकों
सच कहाँ लिख पाये हम
दर्ज हुई जो हार जीत में
संग्राम कहां लिख पाये हम
किसने कितने घोंडें पाले
कब मर्यादा लिख पाये हैं
अधजली हुई चिताओं पर
जौहर गिन ना पाये हम
बिछी रही रणभूमी लाशें
रणबांकुरें कब गिन पाये हम
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