देवरा जाली राजराजेश्वरी माई
फिर देवरा जालु बाणासुर महाराज,
राजमई सानिध्य बाणासुर महाराज।
शिव शक्ति प्रतीक राजमई अभिलाष,
कुल देवी, ग्राम देवी, दिशा भैंटिक आयी॥
सब देवियों थाती राजराजेश्वरी माई,
दुष्टूं की विनाशिनी राजराजेश्वरी माई।
फिर देवरा जाली आदि शक्ति राजमई॥
कठ्यूड़ बगवाड़ी और चंद्रू सुनार,
ज्ञानदास कु ढोल और पोस्ती कु रुगर्यात।
सब्यू दगड़ी जाली राजराजेश्वरी माई,
फिर देवरा जाली ग्राम देवी राजमई॥
अवस्थी जुगराण और लालम्योरियूं की सारी,
ड्वमड़ा बणुल्या और वरखोली-परखोली।
फिर आशीष देली राजराजेश्वरी मई,
फिर देवरा जाली आदि शक्ति राजमई॥
फिर देवरा जालु बाणासुर महाराज,
राजमई सानिध्य बाणासुर महाराज।
हजार हाथों कु बलशाली बाणासुर महाराज,
शिव श्रद्धा कु भुखु बाणासुर महाराज।
राजा बलि कु जायु बाणासुर महाराज॥
फिर देवरा जालु बाणासुर महाराज,
राजमई सानिध्य बाणासुर महाराज॥
चित्रलेखा, अनिरुद्ध, ऊषा शौणितपुर,
कृष्ण, बलराम और भुवंली लड़ाई।
विजयी आदि शक्ति और अहंकार कु नाश॥
फिर देवरा जालु बाणासुर महाराज,
राजमई सानिध्य बाणासुर महाराज॥
म्येरा स्कूल को देवता बाणासुर महाराज,
म्येरा मैत्यूं की मैत्यांण, भक्तों की रखवाली।
फिर देवरा जालु बाणासुर महाराज,
राजमई सानिध्य बाणासुर महाराज॥
पूरी देवरा जाली राज राजेश्वरी मई
गंगा नयेली आली राजराजेश्वरी मई
फिर देवरा जालु बाणासुर महाराज,
राजमई सानिध्य बाणासुर महाराज॥
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