Posts

Showing posts from August 9, 2026

आखिरी सांस

आखिरी जब सांस छूटे तब भी मैं जिन्दा मिलूँगा जल गयी जब राख सब तब भी मैं जिन्दा मिलूँगा कटते हजार पेडों टूटते जख्मी पहाडों सरहदें जब खत्म होंगी तब भी मैं जिन्दा मिलूँगा जब प्रणय की वेदना में प्रलय का आभास होगा लाम पर जब रण रहेगा तब भी मैं जिन्दा मिलूँगा समय के आखिरी छौर पर क्षितिज जब सिकुडा मिलेगा आस का हर बीज जब सडता मिलेगा तब भी मैं जिन्दा मिलूँगा