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Showing posts from September 13, 2026

पहले और अब

एक कहानी कहानी बनी ना बनी  हर कहानी मुक्कम्मल हुई बाद की  एक अधूरा रहा  गीत जो प्रीत का  बाद की हर कहानी का आधार है  जो मुक्कम्मल हुआ ना हुआ राह में  बाद हर एक मंजिल का आधार है  लड़खड़ाया रहा उठता पहला कदम  थामता बाद के हर कदम को मिला रास्ते थे कई जिनपे चलना रहा छोडते हर निशां की कहानी रहा दूर से भी बहुत दूर चल आये हम पर पता बस पता गाँव का ही रहा