पहले और अब

एक कहानी कहानी बनी ना बनी 
हर कहानी मुक्कम्मल हुई बाद की 
एक अधूरा रहा  गीत जो प्रीत का 
बाद की हर कहानी का आधार है 
जो मुक्कम्मल हुआ ना हुआ राह में 
बाद हर एक मंजिल का आधार है 
लड़खड़ाया रहा उठता पहला कदम 
थामता बाद के हर कदम को मिला
रास्ते थे कई जिनपे चलना रहा
छोडते हर निशां की कहानी रहा
दूर से भी बहुत दूर चल आये हम
पर पता बस पता गाँव का ही रहा

Comments

Popular posts from this blog

रिश्तों को अमरत्व

द्यू धुपणू

लौटना पडेगा