जो बिछड़ गये

वो बिखरे पत्तों सा ही रहा जीवन
बिछड़े तो शायद फिर मिल न सकें
यूँ इर्द गिर्द उड़कर अपने बिछड़ गये 

डर ये नही कि अवशेष बन जायेंगे 
यूं कहीं किसी के काम तो आयेगें 
बस जो साथ छूटें तो अपने बिछड़ गये

छोटा ही सही पर जीया है वो जीवन 
जुड़ के रहे उनसे तो सम्मान से रहे 
मन में हमेशा रहेंगे अपने जो बिछड़ गये






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