अक्सर

जब मन से आवाज़ गयी
पहुँची ज़रूर है उस ओर 
जानता हूँ अक्सर 
दरवाज़े बन्द ही रहे वो

सोच स्नेह की मरती नही
असर जरुर करती है 
जानता हूँ अक्सर 
एकतरफ़ा ही रही है वो 

अपनो में लोग सब आते कहाँ 
ख़्वाब जरुर आते हैं 
जानता हूँ अक्सर 
मक़ाम तक ले नही जाते है वो 

जीतने नही हारने की ज़िद यहाँ 
फिर भी अहसास आ ही जाते हैं
जानता हूँ अक्सर 
अलग ज़मीं के बाशिन्दें है वो 


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