अपनों सा

तेरी खुशियों में  खुश होना
तेरी उदासी में उदास रहना
रूठने पर मनाने की नाकाम कोशिशें
पता नहीं तू कब अपनों सा हो गया

हर बात अधूरी छोड़ देना
फिर हर पल तुझे सोचना
दूर रहकर पास जाने की अधूरी कोशिशें
पता नहीं तू कब अपनों सा हो गया

अब बिना सोचे ही कह जाना
कभी सीमाओं को तोड़ जाना
हर गांठ को जोड़ने की नाकाम कोशिशें
पता नहीं तू कब अपनों सा हो गया

न सोचूँ फिर भी मन में रहना
न चाहूँ फिर भी पास पा जाना
परछाई सा साथ देने की अधूरी कोशिशें
पता नहीं तू कब अपनों सा हो गया

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