तेरे मेरे बीच

तेरे मेरे बीच बना पुल
इस अंधड़ में जिन्दा है
बस इतना बिश्वास था मेरा
बाक़ी कुछ नहीं चाहा है

तेरे मेरे बीच की बातें
यूँ तो बस ख़ामोशी है
'मन' 'सच्चाई' के पास रहा है
बाक़ी सब पहरेदारी है

तेरे मेरे बीच की दुनिया
यूँ तो बहुत वीरान रही
फूल खिले हैं फिर भी उसमे
बाक़ी सब काँटेदारी है

तेरे मेरे बीच की नजदीकी
यूँ तो अक्सर मीलों है
दूर ही रहा है हिमालय मेरा
बाक़ी साथ चली तन्हाई है ..

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