कोई टूटता तारा

मन्नतों के आसमान पर
कोई टूटता तारा
मन से निकलने वाली
हर दुआ को जगा जाता है

कंकरीली बंजर जमीन पर
कोई  उगता बीज
संघर्षो के जीवन वाली
हर आस को जगा जाता है

इतिहास के पन्नो पर
कोई भूली बिसरी तारीख
समय  को छोड़कर जाने वाली
हर याद को जगा जाती है 

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