एक मोड़

वो जो घुल सा गया है मुझमें
आसपास ही रहता है हर पल 
आधी अधूरी कहानी सा कोई 
एक विराम पर रोके है मुझे 

वो जो अंबार लगाये बैठा है
बादलों सा घेरे रहता है हर पल
पहाड़ी घुमावदार रोड पर कोई
एक मोड़ पर रोके है मुझे

वो जो गुज़र गया बिन थमें 
लौटता सा लगता है हर पल 
घुप्प अंधेरी रातों में कोई 
उस तारे सा साथ चलता मेरे

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