तेरे बिन

तु जानता सब है कहाँ छुपी है
चौखट की कुंजी की चाबी 
मन की ख़ुशियों के दरवाज़े 
तेरे बिन जो खुले नही हैं 

तु जानता सब है कहॉं भरी है 
यादों की रद्दी की बोरी 
बहती आँखों के तहख़ाने 
तेरे बिन कुछ कही नही है 

तु जानता सब है कहॉं रखी है 
खाली मन की भरी पोटली 
सूने मन की गहराई में 
तेरे बिन कुछ जँचीं नही है 


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