अर्ध कहानी

सुनी हैं मैने अर्ध कथाऐं 
सीखी हैं कुछ कलाऐं भी
मैं संग्राम लडूँगा पूरा ही
इतिहास रचाकर जाऊँगा
अभिमन्यु सा कूद पडा हूँ
चक्रव्यूह सब सजा रहे
मैं कोशिश करूगा पूरी ही
अब बचन निभाकर जाऊँगा
मै रणभेदी की अजर गर्जना
तु समर्पण का उत्ताप रखे
मैं निकल पडा हूँ  पूरा ही
तु मंजिल पर बस साथ रहे

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