सार लिखा जायेगा
इस जीवन की कविता का
एक सार लिखा जायेगा
कोरे से जज्बातों का
अभिप्राय लिखा जायेगा
मन में बहती गंगा का
मिलन लिखा जायेगा
संगम तट पर बैठ सुहाना
गीत लिखा जायेगा
तेरे मेरे जज्बातों का
मूल लिखा जायेगा
इस रिश्ते की मर्यादा का
एक मनन लिखा जायेगा
तुझमें खोती रातों का
प्रकाश पढ़ा जायेगा
सुखी पड़ती यमुना का
बहाव सधा जायेगा
छोर नदी जलती आशाएँ
राख़ बना जायेगा
तुझमें खोती यादों का
इतिहास लिखा जायेगा
इस जीवन की कविता का
एक सार लिखा जायेगा
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