दिन

यूँ तो चेहरे लाख हैं 
पर भीड में अपना सा तु
चल पडा हूँ साथ तेरे
अब सफर मंजिल है तु

आसमां मांगा नही है
हम रहें धरती सदा
आस तुझसे बँध चुकी है
अब सफर मंजिल है तु

हर समय जो साथ है
वो याद बन आती रही
देख सब सपने चुका हूँ
अब सफर मंजिल है तु

रास्ते सब जुड चुके हैं
कुछ दूर यूँ चलना सही
हो फतह ये तय हुआ है
अब सफर मंजिल है तु

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