पाना या मिटना है

 लहर लहर लहराता जीवन
नाँव थफेंडे खाती है  
मेरा तो सागर है खेवैया 
पार लगाकर जाता है 

उम्मीदों की किरण दिखी है 
जगमग सूरज उगता है 
मेरी इन अधियारी रातों 
टीम टीम तारा खिलता है 

परवान लगे कुछ पंख उगे हैं
हवा संग ले जाती है 
मेरे दिन तूफान समेटे 
जोर लगाकर अकड़े हैं 

रज रज धूलि मिल जावूंगा 
कण कण बिछ सा जावूंगा 
मेरा एक सपन  जीवन हैं 
पाना है या मिटना है

Comments

Popular posts from this blog

रिश्तों को अमरत्व

कहाँ अपना मेल प्रिये

छात्र कल्याण: (Student' Well- being) केवल शब्द नहीं, एक वास्तविक जिम्मेदारी