केदार Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps January 20, 2025 अन्नत में शून्य होकर खुदकुशी के द्वार पर सत्य को शिव से मिलाकर मैं पार पाना चाहता हूँदेह भी तेरी रहीसांस सब तुझसे मिलीलाख लांछन मैं लिएबस गरल पीना चाहता हूँमलंग सा फिरता रहूँराह बस केदार होछोड़ कर मैं जग सदाफिर शून्य होना चाहता हूँ Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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