जाते जाते

ये नफ़रत वाला रिश्ता 
तुने  सुलगाया है
ना पूरा डूब पाया 
न कभी भूल पाऊँगा 

लोग कहते रहे कि 
इन्सान विचारों से नीच होता है
और तु सब कुछ 
साबित करता गया 

यूँ तुझे भुलाना 
आसां तो नहीं 
पर जाते जाते तु स्नेह के
सब रंग धो गया 


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