तुम्हारा
शान्ती तुम्हारी सोच तुम्हारी
रीत प्रीत और मीत तुम्हारी
गीत रचे कुछ पंक्ति अधूरी
मंजिल सी हर आस तुम्हारी
संग तुम ही से यौवन तुम से
शान्ती अशान्ती और जंग तुम ही से
चढती सांसे घूमिल यादें
जीवन का हर रंग तुम ही से
साथ तुम्हारा सफर तुम्हारा
पाना खोना संकल्प तुम्हारा
ढलता जीवन बढता संशय
कर्मो का हर फल भी तुम्हारा
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