तू लगे
बढ़कर रुकना है सबको
झुक जाना है एक दिन
जो कभी भी टूट जाऊ
बस जोड़ता पूल तू लगे
टूटकर गिरना है सबको
बिखर जाना है एक दिन
जो कहीं भी मिलूं धरा पर
बस साथ आता तू लगे
छोड़कर जाना है सबको
जुदा हो जाना है एक दिन
जो कभी भी चलूँ जहां से
बस याद तू आते लगे
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