बुनते सपने

 आजा तु साथ मेरे 
तस्वीर नहीं मागूंगा 
रहना तु साथ मेरे 
वक़्त नहीं मागूंगा 

बस जा तु गीत मेरे 
शब्द नहीं मागूंगा 
रह जा तु प्राण मेरे 
साँस नहीं मागूंगा 

जीवन दस्तूर यही है 
बनती एक राह यही है 
सपने बुनते जाते हैं 
हम तुम मिलते जाते हैं 


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