परिवर्तन

समय कब तेरा हुआ 

कब मेरा हुआ।

बहती दरिया कब कहॉ

किसी एक की हुई।

परिवर्तन नियम है 

सृष्टि का दोस्त!

ये पवन झोंका है,

कभी मन्द कर गया,

कभी झंजावत दे गया ।।।

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