मन मे हो

दीपदान जब मन का हो
त्याग समर्पण मन का हो 
मन जायें यादों के उत्सव 
प्रकाश पुंज जब मन का हो 

कुंज गली जब मन में हो
गोकुल बरसाना मन में हो
उग जाये सपनों के जंगलों 
आस अहसास जब मन मे हो

शाम सुहानी घर में हो
बात पुरानी घर में है 
हंसतीं हों कोने मे यादें 
आशीष कहीं पर घर में हो




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