सर्द मौसम
एक तो मौसम सर्द हुआ है
एक रूठी सी दुनियां है
सबके अपने राग द्वेष हैं
सबके अपने अपने लोग
मेरा रास्ता तेरी गली का
मेरी मंजिल साथ तेरा
तु रूठे तो जग रूठा है
तु हंस दे तो काम तमाम
तु सुबह की पहली किरण हो
तु दिन का छंटता कुहरा हो
तु शामों की सर्द हवा
तु रातों की गर्माहट हो
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