विकल्प

विकल्प था
अनुकल्प हूँ
सम्बन्धों का
नाजायज हूँ
भावनाओं का
उद्दीप्त ज्वार
सूखता सा
वृक्ष हूँ
नास्तिक था
निर्मोही हूँ
अंहकार से
विरक्त हूँ
तोल मोल का
भाव नही
नहीं कभी
तथस्ट हूँ
राहें तय हैं
मंजिल तय है
निराकार तुझमें
शामिल हूँ

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