मेरी माँ

 गर्मियों में छाया जैसी 
सर्दियों की धुप है 
मेरी माँ मेरे लिए 
पुण्यों की खान है 
संघर्षों की जीती 
जागती मिसाल है 
मेरी माँ मेरी लिए 
सृष्टि का अवतार है 

त्याग की परिछायी जैसी 
उजालों का प्रकाश है 
मेरी माँ मेरे लिए 
लाखों संसार है 
कर्मठता की 
जलती सी ज्वाला है 
मेरी माँ मेरी लिए 
सारे तपों का प्रसाद है 

गीतों की अंजुरी जैसी 
कोमलता की छाप है 
मेरी माँ मेरी लिए 
मोटी सी गुदगुदी 
गदरायी अहसासों 
का आभास है  
मेरी माँ मेरी लिए 
जन्मों का विरासत है 

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